Postpartum Depression in Women: Symptoms, Cause,Treatment in Hindi

Postpartum Depression in Women -गर्भावस्था के दौरान या उसके बाद शरीर और दिमाग में कई बदलाव के कारण होता है | अगर आप गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद उदासी, अकेलापन या खुद को emotionless समझती हैं और आपको लगता है कि आप अपने बच्चे की देखभाल ठीक से नही कर पा रही हैं तो शायद आपको postpartum depression की समस्या हो सकती है |

अवसाद के लिए किये गये ट्रीटमेंट और दवा उपलब्ध है जो future में माँ और बच्चे को स्वस्थ रखने में help करती है |

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पोस्टपार्टम अवसाद क्या है ?/what is postpartum depression?

पोस्टपार्टम का मतलब प्रसव के बाद का समय है | यह एक गंभीर बिमारी है जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है | अगर आपको अवसाद है तो दिन बा दिन यह आपके daily routine को प्रभावित कर सकता है |

इस condition में आप अपने बच्चे से unconnected feel कर सकती है आपको ऐसा महसूस होगा कि आप अपने बच्चे की माँ नही है जिस वजह से आप अपने बच्चे की देखभाल नही करती है | यह feeling हलके से गंभीर हो सकती है |

महिलाओं में पोस्टपार्टम अवसाद के लक्षण /symptoms of postpartum depression in women

pregnancy के बाद सामान्य परिवर्तन के कारण महिलाओं में depression के लक्षण पैदा हो सकते हैं | जब कोई नया बच्चा घर आता है तो बहुत सी महिलायें overwhelmed feel करती है लेकिन अगर आपके पास यह लक्षण 2 week से अधिक दिखाई दे रहे हो तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है |

इन लक्षणों में शामिल हैं –

  • बहुत रोना
  • बहुत कम या बहुत ज्यादा सोना
  • एक बुरी माँ की तरहलगना
  • मेमोरी कमजोर होना
  • खुद को चोट पंहुचाने की कोशिश करना
  • बहुत कम या बहत यदा खाना
  • उदास रहना
  • बेचैन या मूडी रहना
  • बच्चे को चोट पंहुचाने पर विचार करना
  • बच्चे में कोई दिलचस्पी न दिखाना
  • energy न होना
  • सिर दर्द या पेट की समस्या होना
  • उन activity में interest कम होना जिसमे आप enjoy करती थी
  • निर्णय लेने में परेशानी होना

कुछ महिलाएं अपने इन symptoms को किसी से share नही करती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वे दोषी हैं जो अपने बच्चे का ख्याल नही रख सकती | वे खुद को बुरी माँ के रूप में देखती हैं लेकिन इसका मतलब यह नही कि आप वास्तव में बुरी माँ हैं |

आपको इस समस्या से बाहर निकलने की कोशिश करना है आप किसी अच्छे डॉक्टर से सहायता ले सकती हैं ताकि डॉक्टर आपका सही समय पर treatment कर सके |

पोस्टपार्टम अवसाद के कारण / cause of postpartum depression in women

हालाकि कोई single कारण इसके नही है लेकिन अधिकांशतः physical changesऔर emotional issue महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं –

Emotional issue

जब आपकी पर्याप्त नींद नही होती या फिर शिशु की पर्याप्त देखभाल नही हो पाती तब आपके मन में कई विचार पैदा होते हैं कि क्या आप शिशु की देखभाल करने में सक्षम नही हैं , इसके अलावा आप कम आकर्षक महसूस करने लगती हैं जिससे आपका नियंत्रण खोने लगता है आपको ऐसा महसूस होता है कि आप फिर से पहले वाली स्थिति में वापस नही जा पाएंगी इन सभी मुद्दों पर चिंता करने के कारण आप अवसाद की ओर जा सकती हैं |

Physical changess

pregnancy के दौरान प्रत्येक महिलाओं के शरीर में कई hormonal changes होते हैं यह changes अवसाद को trigger का सकते हैं | जब आप गर्भवती होती हैं तो estrogen और progesteron का level सबसे highest होता है लेकिन प्रसव के बाद 24 घंटे में ये स्तर तेजी से अपने normal level में वापस आ जाता है लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि hormone level में अचानक बदलाव के कारण अवसाद हो सकता है |

पोस्टपार्टम अवसाद का जोखिम /Risk factor of Postpartum Depression in women

कोई भी new mom postmartum depression को अनुभव कर सकती है और यह किसी भी बच्चे के जन्म के बाद विकसित हो सकता है |

ज़्यादातर उन महिलाओं में अवसाद का जोखिम अधिक हो सकता है अगर –

  • पूरे गर्भावस्था के दौरान उदास हों
  • परिवार का support न हो
  • 20 से कम age के हों
  • गर्भावस्था में किसी प्रकार की समस्याएं हों
  • family में bipolar disorder या depression का इतिहास हो
  • unwanted pregnancy हो
  • breastfeeding में problem हो
  • कोई health issue हो
  • financial problem हो

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महिलाओं में पोस्टपार्टम अवसाद की जटिलता /complication of postpartum depression in women

अगर इस अवसाद का treatment न किया जाये तो माँ और बच्चे की bonding पर बहुत प्रभाव पड़ता है साथ ही family problem भी create होती है ,

  • माँ के लिए – अगर अवसाद का सही समय में इलाज न किया जाये तो धीरे-धीरे और जटिल हो जाता है और माँ गंभीर अवसाद से ग्रसित हो सकती है |
  • बच्चों के लिए – पोस्टपार्टम अवसाद से पीड़ित माँ के बच्चों में emotinal और behaviour problem होती है जैसे दिन भर रोना, खाना न खाना , ठीक से न सोना

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महिलाओं में पोस्टपार्टम अवसाद के उपचार /Treatment of postpartum depression in women

पोस्टपार्टम अवसाद के लिए effective treatment avalable हैं जिनमे शामिल है –

खुद की मदद करना – इसमें talk therapy शामिल है आप अपने family और friends या फिर डॉक्टर से अपने लक्षणों के बारे में बात करें और खुद को डिप्रेशन से दूर करने के लिए आप वे सभी काम करें जिसे करने में आपको आनंद मिले इसके साथ ही healthy diet लें, पर्याप्त नींद लें और नियमित रूप से exercise करें |

मेडिसिन – अगर आपका अवसाद अधिक गंभीर है तो डॉक्टर आपको antidepressant मेडिसिन की सिफारिश कर सकते है | ये दवायें आमतौर पर अवसाद से छुटकारा दिलाने में मदद करती हैं |

ECT(electroconvulsive therapy) – जब पोस्टपार्टम अवसाद की स्थिति चरम सीमा में पंहुच जाती है तब इस situation में ECT के द्वारा इलाज किया जाता है |

महिलाओं में अवसाद (postpartum depression in women ) के कारण बच्चा भी प्रभावित होता है | इसलिए उपचार करना माँ और बच्चे दोनों के लिए बहुत ज़रूरी है | अवसाद की दवाएं या therapy treatment लेने से आप बुरी माँ नही कहलाएंगी |

जब आप स्तनपान करा रही हो, या गर्भवती हो तो दवाएं लेने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें |

महिलाओं में पोस्टपार्टम अवसाद की रोकथाम /Prevention of postpartum depression in women

अगर आपके परिवार में अवसाद का इतिहास है या फिर गर्भावस्था के दौरान आपको ऐसे symptoms दिखाई दे रहे हैं या महसूस हो रहे है जो आपको अवसाद की ओर ले जा रहा है तो आप फ़ौरन अपने family में और डॉक्टर से इस विषय पर ज़रूर बात करें

इससे आपको यह फायदा होगा कि गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर आपके सभी लक्षणों की जांच करेंगे और अगर किसी भी प्रकार अवसाद का लक्षण होगा तो आपको अवसाद से बाहर निकालने के लिए उपचार की सलाह देंगे यह सलाह आपके अवसाद की स्थिति के अनुसार होगा अगर अवसाद हल्का है तो self help की सलाह दिया जायेगा और अगर गंभीर है तो आपको दवाएं भी दी जा सकती है |

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