Paranoid personality disorder in Hindi : causes, symptoms, treatment
Paranoid personality disorder

 

Paranoid Personality Disorder-कभी हम दो के बीच तीसरे की मौजूदगी का एहसास, कभी खुद को बिलकुल अकेला समझना, बेहद तन्हा पाने का डर तो कभी अपने ही घर में खुद को unsafe समझना, किसी पर भी  विश्वास न करना…. अगर आपके साथ या आपके आस-पास भी दिन-रात किसी के मन में शक का कीड़ा कुलबुलाता रहता है तो  सचेत हों जाइये, कही ये Paranoid personality disorder का sign तो नही,

अगर आपके रिश्तों में शक की  वजह से दूरियां बढती जा रही है और आप अपनी तरफ से रिश्तों को सुधारने की  पूरी कोशिश कर चुके हैं तो एक और कोशिश करके देखिये आप अपने उस नजदीकी शख्स की जांच psychotherapist से कराएँ, ताकि अगर उसे Paranoid  personality disorder है तो जल्द से जल्द उसका treatment शुरू किया जा सके |


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What is Paranoid Personality Disorder ?/ पैरानोइड व्यक्तित्व विकार क्या है ?

paranoid personality disorder एक complete sanction है जो कि तीन अलग अलग रूपों में पाया जाता हैं इन्ही में से एक है “paranoid personality disorder.” इसमें patient अपने मन में एक figment
 बना देता है और उसी  को लेकर शक करने लगता है |

Paranoid Personality Disorder के कारण 

Genetic : 

कुछ research से पता चला है कि जिन लोगो के family schizophrenia की शिकायत पाई गई हो, उनलोगों में paranoid personality disorder पाया जा सकता है, लेकिन अभी तक कोई भी research 100% दावा नही किया है कि यह disorder genetic है |

Biochemistry :

biochemistry भी paranoid personality disorder का एक प्रमुख कारण है, लेकिन इसके बारे में भी अभी तक कोई जानकारी नही मिल पाई है |

Stress :

कुछ scientist का मानना है कि बहुत ज्यादा stress इस disorder का कारण होसकता है , इसमें कभी-कभी एक्यूट पैरानोया के symptoms को देखने को मिलते हैं , जिसमे कुछ months के लिए ही असंतुलन दिखाई देता है |


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stage of Paranoid Personality Disorder / पैरानोइड व्यक्तित्व विकार के stage

इसकी दो stage होती है –

Primary stage :

इसमें रोगी को लगता है कि –
  • लोग मुझे नज़रअंदाज़ कर रहे हैं ,
  • मेरा गलत फायदा उठा रहे हैं ,
  • मुझे तकलीफ पंहुचा सकते हैं,
  • मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं ,

Secondary stage :

  • patient खुद को strong बताने की  कोशिश करता रहता है ,
  • दुसरो के लिए जलन महसूस करता रहता है ,
  • दूसरों पर हक़ जताने की कोशिश करता है ,
  • खुद में कोई कमी नही देखना ,
  • दुसरो पर इल्जाम थोपना ,
  • defancive होते हैं यानी हर बात में दूसरों को दोषी मानते हैं , अपनी गलती accept मही करते है ,
  • बात-बात पर तर्क वितर्क करने लगते हैं कि बाकी सब गलत हैं , सिर्फ वही सही है ,

Symptoms of Paranoid Personality Disorder/ पैरानोइड व्यक्तित्व विकार  के लक्षण

थोड़े बहुत शक करने के लक्षण तो हम सब में पाए जाते हैं , लेकिन पैरानोइड व्यक्तित्व विकार  से पीड़ित लोग अपना काम अपने routine से हटकर बात-बात पर शक करने लगते हैं जैसे- इस disorder के शिकार पति अपनी पत्नी पर शक करने लगता है उसे लगता है कि उसकी पत्नी उससे प्यार नही करती इसी प्रकार पत्नी भी शक करने लगती है कि उसका पति उससे प्यार नही करता है, उसका कही affair तो नही चल रहा  है ,
उसकी हर चीज़ को टटोल कर देखते हैं कि क्या रखा है , इस प्रकार इस बिमारी से ग्रसित लोगो को बार बार यही ख्याल आता है कि कोई उसको नुक्सान तो नही pahuchane वाला है उनके दिलो दिमाग में बस यही बात चलती रहती है |
इसी तरह कोई मां अगर अपने बच्चे पर बिना बात शक  करती है तो उसका bag आलमारी दोस्तों के फ़ोन आदि सभी चीज़ों पर नज़र रहती है , अपना काम छोड़कर बस वो सिर्फ यही सोचती रहती है कि उसका बच्चा कहाँ , क्या कर रह है और इसी को लेकर वो दिन रात सवाल जवाब करती है |
और ये सवाल जवाब तर्क वितर्क इतने ज्यादा होते हैं कि घर-परिवार के लोग उस व्यक्ति से दूर होने लगते हैं , उसका सामना करने से कतराते हैं, यहाँ तक society के लोग भी  दूर रहने लगते हैं , सिर्फ इस वजह से की कौन उनसे बहस करे, ये हमेशा खुद को सह साबित करने में लगे रहते हैं और अपनी गलती दुसरो को मढ़ देते हैं |

Diagnose of Paranoid personality disorder / पैरानोइड व्यक्तित्व विकार का निदान 

शारीरिक लक्षणों के देखकर इस डिसऑर्डर की पहचान की जाती है लेकिन अभी तक इसके निदान के लिए कोई प्रयोगशाला परिक्षण नही उपलब्ध है |
अगर डॉक्टर को लक्षणों के लिए कोई physical cause नही मिलता है तो वह व्यक्ति को किसी मनोचिकित्सक के पास ले जाने की सलाह दे सकते हैं |

Treatment of Paranoid Personality Disorder/ पैरानोइड व्यक्तित्व विकार  का उपचार 

treatment के लिए सबसे पहले रोगी का past जानना ज़रूरी है क्योंकि इस प्रकार के रोगी किसी पर विश्वास नही करते हैं इसलिये psychotherapist और घरवालों को हर हाल में उसे ये भरोसा दिलाना होगा कि सभी लोग उसके साथ हैं वह अकेला नही है सभी उससे बेहद प्यार करते हैं , इसके बाद psychotherapy द्वारा patient का treatment किया जाता है , कई मामलों में anti-anxiety drugs भी दिए जाते हैं |

family member क्या भुमिका निभाएं 

family members का behavior supportive और caring होना चाहिए , आपको इस बात का हमेशा ख्याल रखना चाहिए कि रोगी ऐसा जानबूझकर नही कर रह बल्कि disorder कि वजह से कर रहा है | परिवार को उसे समझकर धैर्य रखना चाहिए | और उसकी हरकतों पर ध्यान देना चाहिए अगर व्यक्ति ज़रूरत से ज्यादा शक कर रह है तर्क वितर्क कर रहा  है तो समझ जाइये कि उसे paranoid personality disorder कि शिकायत है |

Therapist के पास ले जाएँ

बीमारी का अंदाज़ा लग जाने के बाद उसे psychotherapist के पास ले जाएँ, हालाकि उसे इस बात के लिए राजी करना मुश्किल है कि उसे disorder है लेकिन फिर भी treatment के लिए ले जाना ज़रूरी है | इसके अलावा –
  • उसे समझाने की  कोशिश करें ,
  • बात-बात में ऐसा करो ऐसा न करो की  हिदायत न दें ,
इस बात को अच्छी तरह समझ लें कि जिस तरह बुखार बिना treatment के ठीक नही होता उसी तरह paranoid personality disorder के लिए भी treatment ज़रूरी है इसलिये उसके treatment के लिए लापरवाही न करें |
मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी पोस्ट अच्छी लगी होगी | thank you

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